दिव्यराष्ट्र, मुंबई: पूरे भारत में 1 करोड़ बच्चों तक पहुँचने और उन पर सकारात्मक प्रभाव डालने की अपनी हालिया उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए, P&G Shiksha ने आज अपने निरंतर मिशन #EraseTheLearningGap के तहत अपना गीत ‘अब सब जाएंगे स्कूल P&G Shiksha के साथ ‘ लॉन्च किया। JioHotstar के साथ साझेदारी में तैयार किया गया यह गीत सीखने में आने वाली कमियों की भावनात्मक वास्तविकता को दर्शाता है – वे शांत, अक्सर अनदेखे पल जब एक बच्चा खुद को पीछे छूटता हुआ महसूस करने लगता है, और इसके विपरीत सीखने की उस खुशी को सामने लाता है, जो आत्मविश्वास, दृढ़ता और प्रगति में बदल जाती है।
कई बच्चों के लिए सीखने के अंतराल असफलता से नहीं, बल्कि एक छोटे से क्षण से शुरू होता है। एक ऐसा पाठ जो पूरी तरह समझ में नहीं आया। एक प्रश्न जिसे पूछने में वे बहुत हिचकिचा रहे थे। एक ऐसा क्लासरूम जहाँ बाकी सभी बच्चे थोड़ा तेज़ी से आगे बढ़ते नजर आते हैं, जहां, धीरे-धीरे ये छोटे-छोटे पल जुड़ते जाते हैं। जिज्ञासा चुप्पी में बदल जाती है, प्रयास आत्मसंदेह में बदल जाता है, और जो बच्चा कभी हाथ उठाता था, वह पीछे हटने लगता है। सीखने के अंतर को चुनौतीपूर्ण बनाने वाली बात यह है कि इन्हें अक्सर आसानी से नजरअंदाज कर दिया जाता है- जब तक कि वे बच्चे के खुद को देखने के तरीके को प्रभावित करना शुरू न कर दें।
P&G Shiksha लंबे समय से सीखने के अंतराल के प्रति जागरूकता बढ़ाने के मिशन पर काम कर रहा है—यह अंतर बच्चे के वर्तमान सीखने के स्तर और अपेक्षित स्तर के बीच होता है। इसके साथ ही जमीनी स्तर पर चलाए जा रहे कई कार्यक्रम #EraseTheLearningGap के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। P&G Shiksha ने 21 वर्षों में 1 करोड़ से अधिक बच्चों को सकारात्मक रुप से प्रभावित करने का जश्न मनाया है, और यह उपलब्धि आंकड़े से कहीं अधिक का प्रतिनिधित्व करती है, यह 1 करोड़ व्यक्तिगत यात्राओं को दर्शाती है जहां सीखने की कमियों की पहचान जल्दी की गई और उन्हें स्थायी रुकावट बनने से पहले ही दूर किया गया।
यह उन बच्चों का प्रतिनिधित्व करता है, जो पहले ब्लैकबोर्ड से दूर भागते थे, फिर दोबारा कोशिश करने लगे, पीछे चुपचाप बैठने से लेकर हाथ उठाने लगे, और “मैं नहीं कर सकता” से “मैं कर सकता हूं” पर विश्वास करने तक का सफर तय किया। यह केवल बेहतर सीखने के ही परिणाम नहीं हैं- बल्कि ये आत्मविश्वास की बहाली, नई जिज्ञासा और खुद पर फिर से विश्वास करने का दूसरा मौका भी हैं।
इस गीत में भारतीय अभिनेता नकुल मेहता और शिवांगी जोशी नजर आते हैं, जो एक मार्मिक भावनात्मक सफर को दर्शाते हैं- बचपन के उन पलों को याद करते हुए जो गीत की शुरुआत में एक बच्चे की झिझक को दर्शाते हैं, और अंत में आत्मविश्वास और समावेश की एक सशक्त अभिव्यक्ति में बदल जाते हैं। यह विरोधाभास उन यादों से फिर से जोड़ता है, जहां कई वयस्क अपने स्कूल के दिनों को फिर से याद करते हैं-आत्म-संदेह के वे पल, जो उनके साथ लंबे समय तक बने रहे। ‘अब सब जाएंगे स्कूल P&G Shiksha के साथ’ इस यात्रा को जीवंत करता है और यह दिखाता है कि सही समय पर मिला सहयोग किस तरह बच्चों को संकोच से बाहर निकालकर आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाने में कैसे मदद कर सकता है।
ऐसे समय में जब ASER 2024 जैसे आकलन बुनियादी कौशलों में लगातार बने हुए सीखने के अंतर को उजागर करते रहते हैं, तो शुरुआती पहचान और समय पर हस्तक्षेप की आवश्यकता स्पष्ट हो जाती है। इसे एक तृतीय-पक्ष सर्वेक्षण और भी रेखांकित किया गया है, जिसके अनुसार *74% अभिभावक शुरुआती सीखने की कठिनाइयों को केवल एक चरण मानते है।
इसी को आगे बढ़ाते हुए, P&G Shiksha ने मुंबई में एक स्मारक कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें पूरे इकोसिस्टम से जुड़े विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाया गया। इस कार्यक्रम में इंटरएक्टिव और अनुभवात्मक सत्रों के माध्यम से सीखने के अंतर की शुरुआती पहचान और सहयोग के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
‘अब सब जाएंगे स्कूल P&G Shiksha के साथ’ की लॉन्चिंग के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया गया जिसका संचालन किडस्टॉपप्रेस की सीईओ और संस्थापक मानसी ज़ावेरी ने किया। इस चर्चा में द इंडियन पेरेंट पॉड के सह-संस्थापक नकुल मेहता और और P&G India के सीनियर डायरेक्टर- ब्रांड ऑपरेशंस रजत बरार शामिल हुए। उन्होंने इस बात पर अपने विचार साझा किए कि सीखने के अंतर अक्सर झिझक या आत्म-संदेह के रूप में सामने आते हैं, और इन्हें शुरुआत में ही दूर करने में अभिभावकों, शिक्षकों और समुदाय की क्या भूमिका होती है।
शाल्मली खोलगड़े – कलाकार, संगीतकार और गीतकार भी इस कार्यक्रम में शामिल हुईं और कोरस की कुछ पंक्तियों को स्वर दिया- – अब सब जाएंगे स्कूल पी एंड जी शिक्षा के साथ, मील लर्निंग के नए टूल्स P&G Shiksha, ने दे दी नई दिशा…JioHotstar के साथ साझेदारी में तैयार किया गया यह गीत, इस चर्चा को कार्यक्रम से आगे बढ़ाता है और देश भर के दर्शकों को बच्चों को सीखने की कमियों को दूर करने में मदद करने में अपनी भूमिका पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।
गीतऔर व्यापक मिशन पर बोलते हुए नकुल मेहता, सह-संस्थापक – The Indian Parent Pod ने कहा, “सीखने के अंतर हमेशा स्पष्ट नहीं होते-ये झिझक, ध्यान भटकने या किसी बच्चे के चुप रहने के रूप में सामने आते हैं। ‘अब सब जाएंगे स्कूल विद P&G Shiksha’ का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद व्यक्तिगत बन गया, क्योंकि इसने मुझे अपने बचपन के उन पलों की याद दिलाई, जब नए क्लासरुम के माहौल में ढलना हमेशा आसान नहीं होता था। इस गीत की सबसे खास बात यह है कि उस बदलाव को दर्शाता है, कि शुरुआत में मौजूद अनिश्चितता से लेकर अंत तक आत्मविश्वास कैसे आता है – और यह उस व्यक्ति की बदौलत संभव हुआ जिसने उनकी क्षमता को पहचाना। एक अभिभावक के रूप में हमारी भूमिका इन शुरुआती संकेतों को पहचानने और ऐसा माहौल बनाने की है, जहां बच्चे बेझिझक सवाल पूछ सकें, गलतियाँ कर सकें और फिर से प्रयास कर सकें-क्योंकि सही समय पर मिला सहयोग बच्चे के सीखने के तरीके और खुद को देखने के नजरिए को बदल सकता है। यही भूमिका P&G Shiksha वर्षों से निभा रही है, जो 1 करोड़ से अधिक बच्चों को सशक्त बनाकर #EraseTheLearningGap को कम करने में योगदान दे रहा है।”
जांकी पारिख मेहता, सह-संस्थापक – द इंडियन पेरेंट पॉड as aने कहा, “एक अभिभावक के रूप में हम अक्सर सब कुछ सही करने पर ध्यान देते हैं-सही स्कूल, सही अंक-लेकिन इस दौरान हम यह समझने से चूक जाते हैं कि हमारा बच्चा वास्तव में क्या महसूस कर रहा है। सीखने के अंतर हमेशा शब्दों में सामने नहीं आते, वे चुप्पी, झिझक या आत्मविश्वास में कमी के रूप में दिखाई देते हैं। यह भी चिंताजनक है कि 74% अभिभावक इन शुरुआती कठिनाइयों को ‘सिर्फ एक चरण’ मानते हैं, जिसका परिणाम यह होता है कि हम अक्सर उस महत्वपूर्ण समय को नजरअंदाज कर देते हैं, जब सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। P&G Shiksha का हाल ही में लॉन्च किया गया गीत‘अब सब जाएंगे स्कूल विद P&G Shiksha’ पीछे छूट जाने की भावना से जुड़ाव और शामिल होने तक की इस यात्रा को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। मेरे लिए यह एक याद दिलाने वाला पल है कि जब हम दबाव के बजाय सहानुभूति को चुनते हैं और अपने बच्चों को सच में सुनते हैं, तो हम यह तय कर सकते हैं कि एक छोटी-सी चुनौती उनके लिए स्थायी पहचान न बन जाए। वर्षों से इस महत्वपूर्ण विषय को प्रमुखता से उठाने और 1 करोड़ से अधिक बच्चों को सीखने के संसाधनों के माध्यम से सशक्त बनाने के लिए P&G Shiksha को बधाई।”
P&G India के ब्रांड ऑपरेशंस के सीनियर डायरेक्टर रजत ब्रार ने कहा,ने कहा, “ASER जैसी स्टडी एक कठोर सच्चाई को दिखाती हैं-भारत में लाखों बच्चे स्कूल तो जा रहे हैं, लेकिन सभी अपनी कक्षा के स्तर के अनुसार नहीं सीख पा रहे हैं, जिससे सीखने का अंतर आज हमारे युवा शिक्षार्थियों के सामने सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक बन गया है। ‘अब सब जाएंगे स्कूल विद P&G Shiksha’ एक करोड़ बच्चों पर सकारात्मक प्रभाव डालने की हमारी उपलब्धि को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि हमारे लिए यह केवल आगे बढ़ने का विषय नहीं है-यह सार्थक प्रभाव से जुड़ा है, जहां हर बच्चा उस सीखने के अंतर का प्रतीक है जिसे समय रहते पहचाना गया और सही सहयोग के साथ दूर किया गया। P&G Shiksha के माध्यम से हम रोकथाम और सुधार-दोनों स्तरों पर काम कर रहे हैं, ताकि बच्चे केवल स्कूल में बने न रहें, बल्कि समझ और आत्मविश्वास के साथ वास्तविक रूप से सीख सकें। हमारा उद्देश्य जमीनी स्तर पर निरंतर और स्थायी बदलाव लाने पर है, ताकि किसी भी बच्चे की क्षमता सीखने के अंतर से प्रभावित न हो और हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।”
वर्ष 2005 में शुरू हुई P&G Shiksha की पहल, जो सीएसआर कानून लागू होने से पहले ही अस्तित्व में आ गई थी और आज एक व्यापक कार्यक्रम के रूप में विकसित हो चुकी है, जो सीखने के परिणामों में सुधार पर केंद्रित है, ताकि बच्चे केवल स्कूल में उपस्थित न रहें, बल्कि समझ के साथ सीख भी सकें।
P&G Shiksha राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप सीखने के अंतर की रोकथाम और सुधार—दोनों पर निरंतर ध्यान दे रही है, जिससे एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण के अपने मिशन को बल मिलता है जहां शिक्षा बिना किसी भेदभाव के होती है। यह साझेदारी और अनुकूलनीय मॉडलों का लाभ उठाकर यह सुनिश्चित करता है कि बच्चे मजबूत बुनियादी कौशल मजबूत मूलभूत कौशल विकसित कर सकें और आत्मविश्वास के साथ प्रगति कर सकें।
‘अब सब जाएंगे स्कूल विद P&G Shiksha’ गीतके साथ, P&G Shiksha सीखने की कमियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर ऐसे प्रयासों को भी सशक्त बना रही है जो बच्चों को समझ के साथ सीखने और अपनी पूरी क्षमता को उजागर करने में मदद करते हैं।