जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने अपने सामाजिक सरोकार के तहत शहर के चार सरकारी स्कूलों को समर्थन प्रदान किया है। यह पहल शिक्षा तक पहुंच को मजबूत करने और छात्रों के लिए बेहतर, सुरक्षित एवं प्रेरणादायक शिक्षण वातावरण तैयार करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस कार्यक्रम को जयपुर में आयोजित एक औपचारिक समारोह के माध्यम से चिह्नित किया गया, जिसमें अस्पताल एवं स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यह पहल चार सरकारी स्कूलों को कवर करती है, जो मिलकर लगभग 1,600 छात्रों की जरूरतों को पूरा करते हैं, जिनमें बालिकाओं की संख्या अधिक है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य इन स्कूलों को “हैप्पी स्कूल्स” में बदलना है, ताकि छात्रों को एक सकारात्मक, सुरक्षित और प्रेरक वातावरण मिल सके।
इस पहल के अंतर्गत जिन स्कूलों को समर्थन दिया जा रहा है, उनमें
गवर्नमेंट अपर प्राइमरी स्कूल, बम्बला, सांगानेर,गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सांगानेर (शिकारपुरा रोड)- गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जगतपुरा,गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वाटिका, शामिल है।
इन स्कूलों में लगभग 2,500 छात्रों की व्यापक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। प्रमुख कार्यों में महिला शौचालयों की स्थापना, दीवार चित्रकारी, वाटर कूलर की व्यवस्था तथा स्कूल के इमारत के बाहरी हिस्से का सुधार और प्रतिस्थापन शामिल है। इन सुधारों का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के लिए दैनिक शिक्षण वातावरण को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक बनाना है।
यह कार्यक्रम नारायणा हेल्थ की सीएसआर पहल के अंतर्गत चल रहे कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोग्राम का हिस्सा है, जो “हैप्पी स्कूल्स” की अवधारणा पर केंद्रित है।
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के फैसिलिटी डायरेक्टर बलविंदर सिंह वालिया ने कहा, “हम मानते हैं कि मजबूत समुदायों की नींव अच्छे स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर टिकी होती है। जयपुर के इन स्कूलों को समर्थन देकर हम ऐसे वातावरण के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं, जहाँ छात्र प्रेरित हों और अपनी आकांक्षाओं को पूरा कर सकें।”
डॉ. अंशु जैन, डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने कहा, “एक सहयोगी और संसाधन-सम्पन्न शिक्षण वातावरण छात्रों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाता है। यह पहल स्कूलों और संस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देती है, जिससे छात्रों के लिए बेहतर अवसर तैयार होते हैं।”
नारायणा हेल्थ के ग्रुप सीएसआर हेड अंकित श्रीमाली ने कहा, “इस तरह के कार्यक्रम सामुदायिक विकास को बढ़ावा देते हैं और विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा को सशक्त बनाते हैं। इससे उनके भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी अवधारणाएं विकसित करने में मदद मिलेगी।”
कार्यक्रम में एचआर हेड, निखिल माथुर और मार्केटिंग हेड विकास शर्मा सहित स्कूलों के प्राचार्य, शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल के प्रति सामूहिक उत्साह और प्रतिबद्धता व्यक्त की।
नारायणा हेल्थ द्वारा शिक्षा क्षेत्र में यह एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से संस्था लगातार छात्रों के लिए बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।
नारायणा हेल्थ की स्थापना डॉ. देवी शेट्टी द्वारा की गई थी और इसका मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है। यह भारत के अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में से एक है, जो देश और कैरिबियन में प्राथमिक, द्वितीयक और सुपर-स्पेशलिटी तृतीयक देखभाल सुविधाओं का व्यापक नेटवर्क संचालित करता है। संस्था के विभिन्न उत्कृष्टता केंद्र, 18,000 से अधिक समर्पित पेशेवरों की टीम, जिनमें हजारों कुशल डॉक्टर और विशेषज्ञ शामिल हैं, तथा रोगी कल्याण और नैदानिक उत्कृष्टता पर निरंतर फोकस, इसे स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम बनाते हैं। नारायणा हेल्थ की सहायक कंपनियों में नारायणा वन हेल्थ (एनएच इंटीग्रेटेड केयर) और नारायणा हेल्थ इंश्योरेंस शामिल हैं। संस्था स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिक्षा और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से योगदान देती रही है।