उदयपुर, दिव्यराष्ट्र*: नारायण सेवा संस्थान द्वारा 14 और 15 मार्च को उदयपुर में दिव्यांग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 45वां सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। दो दिन तक चलने वाले इस आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए 51 जोड़े सात फेरे लेकर अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत करेंगे। इस समारोह में दिव्यांगजन के साथ-साथ उनके परिवारजन, समाजसेवी, दानदाता और शहर के कई गणमान्य लोग भी शामिल होंगे। विवाह पूरी तरह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान भजन-संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा।
नारायण सेवा संस्थान के प्रेजिडेंट प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि वर्षों से संस्थान दिव्यांगजनों के पुनर्वास, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रहा है। अब तक हजारों दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं, जिससे वे आत्मसम्मान के साथ पारिवारिक जीवन जी सकें। इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज में सम्मान, स्वीकार्यता और समान अवसर दिलाना है। कई बार शारीरिक दिव्यांगता और आर्थिक परिस्थितियों के कारण उन्हें विवाह जैसे सामाजिक अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। ऐसे में यह सामूहिक विवाह उनके लिए नया जीवन शुरू करने का अवसर बनता है।