कोच्चि, दिव्यराष्ट्र*अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) की तीसरी बैठक भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन नेटवर्क के विस्तार, प्रमुख अवसंरचना निवेशों को मंजूरी देने और देश की नदियों की पूरी आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप के साथ संपन्न हुई।
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस पूर्ण दिवसीय बैठक में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री; बिहार सरकार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार; नागालैंड के विद्युत और संसदीय कार्य मंत्री के. जी. केन्ये; अरुणाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग; और पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह उपस्थित थे। यह बैठक सतत और कुशल लॉजिस्टिक के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में अंतर्देशीय जल परिवहन को मजबूत करने की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई।
आईडब्ल्यूडीसी 3.0 ने हरित परिवहन को गति देने, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और नदी आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की पहचान की। केरल, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना में नदी क्रूज जेटियों सहित 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जो देश भर में क्रूज पर्यटन सर्किट के विस्तार में सहायक होंगी।
परिषद ने आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी (रा.ज.-4) पर स्थित मुक्त्याला और हरिश्चंद्रपुरम में रो-रो और कार्गो टर्मिनलों के विकास की घोषणा की जिससे 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ कम दूरी के कार्गो परिवहन को मजबूती मिलेगी। जम्मू और कश्मीर में झेलम नदी (रा.ज.49) पर तटवर्ती सुविधाओं को भी यात्री परिवहन और पर्यटन अवसंरचना को समर्थन देने के लिए मंजूरी दी गई।
नौगम्यता, सुरक्षा और साल भर परिचालन को बेहतर बनाने के लिए ₹465 करोड़सेअधिककीपरिसंपत्तिखरीदकोमंजूरीदीगई।इनमेंकेरलमेंसर्वेक्षणजलयान; बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रो-पैक्स बर्थिंग जेट्टी; उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में फ्लोटिंग पोंटून और क्विक पोटून ओपनिंग सिस्टम; हाइब्रिड सर्वेक्षण जलयान; उभयचर और कटर सक्शन ड्रेजर; और टग-बार्ज इकाइयां शामिल हैं।
परिषद ने 900 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी नई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी, जिनमें कोच्चि में स्लिपवे सुविधा का विकास, ओडिशा (25) और पूर्वोत्तर (85) में 110 जेट्टी का निर्माण, जम्मू-कश्मीर में 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक जलयानों की तैनाती और महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नदी यातायात और नौवहन प्रणाली (एनआरटीएनएस) का कार्यान्वयन शामिल है। असम के लिए, आईडब्ल्यूडीसी ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल के विकास और बोगीबील तक 144 करोड़ रुपये की एप्रोच रोड संपर्क परियोजनाब्रह्मपुत्र नदी (रा.ज.-2) पर डिब्रूगढ़ में नदी बंदरगाह का निर्माण असम के अंतर्देशीय जलमार्ग अवरंचना ढांचे और पर्यटन क्षमता को और मजबूत करेगा।
परिषद को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्देशीय जलमार्ग भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक परिवर्तन के एक कार्यनीतिक स्तंभ के रूप में उभरे हैं। हमारे ऊर्जावान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंतर्देशीय जलमार्गों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे सड़कों पर भीड़ कम हुई है, लॉजिस्टिक लागत में कमी आई है और व्यापार करने में सुगमता बढ़ी है। इस दूरदृष्टि से प्रेरित होकर, नदियों को अब केवल प्राकृतिक संसाधन के रूप में नहीं बल्कि विकास, स्थिरता और संपर्क को गति देने वाली आर्थिक जीवनरेखा के रूप में देखा जाता है।