जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ पूर्णिमा यूनिवर्सिटी में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर)— अवेयरनेस एंड ट्रेनिंग विषय पर एक दिवसीय वर्कशॉप आयोजित की गई। राजस्थान सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा प्रायोजित इस वर्कशॉप का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता में आईपीआर के महत्व के बारे में जागरूकता उत्पन्न करना था। बिट्स, पिलानी के इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर व एचओडी डॉ. नवनीत गुप्ता इसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग की प्रोफेसर डॉ. गरिमा माथुर और एमएनआईटी, जयपुर के सहायक प्रोफेसर डॉ. आयुष गौतम विशिष्ट अतिथि थे।
विभिन्न सत्रों के वक्ताओं ने पेटेंट फाइलिंग, ट्रेडमार्क, आईपीआर उल्लंघन और बौद्धिक संपदा के व्यवसायीकरण पर मूल्यवान जानकारी साझा की। मेजबान पूर्णिमा यूनिवर्सिटी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डीन तथा कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने नवाचार को बढ़ावा देने और संस्थागत विकास को मजबूत करने में आईपीआर की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। इस वर्कशॉप में 100 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें फैकल्टी मेंबर, पीएचडी स्कॉलर और स्टूडेंट्स शामिल थे। संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ सत्र का समापन हुआ, जिसने इसे सभी प्रतिभागियों के लिए जानकारीपूर्ण एवं आकर्षक अनुभव बना दिया।