पीएचसीसी में एमजीएम हेल्थ केयर , चेन्नई के सहयोग से शुरू किया
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ मानसरोवर स्थित प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर (पीएचसीसी) में रविवार को राजस्थान की प्रथम हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट क्लीनिक का शुभारंभ किया गया। यह पहल एमजीएम हेल्थ केयर , चेन्नई के सहयोग से शुरू की गई है। जिसका उद्देश्य राजस्थान सहित आसपास के राज्यों के गंभीर हृदय एवं फेफड़ा रोगियों को समय पर विशेषज्ञ परामर्श, उन्नत जांच और ट्रांसप्लांट संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी रहे। कार्यक्रम में विधायक बहादुर सिंह कोली एवं बलवंत सिंह लिग्री विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एमजीएम हेल्थ केयर , चेन्नई के विशेषज्ञ डॉ. के. आर. बालाकृष्णन ने बताया कि यह ओपीडी विशेष रूप से उन मरीजों के लिए उपयोगी होगी, जो एंड-स्टेज हार्ट फेल्योर, लंग फेल्योर, गंभीर कार्डियोमायोपैथी, पल्मोनरी हाइपरटेंशन, इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस, सीओपीडी तथा अन्य जटिल हृदय एवं फेफड़ा रोगों से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि समय पर सही विशेषज्ञ राय और ट्रांसप्लांट रेफरल कई मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों ने कहा कि कई मामलों में मरीजों को समय पर सही मूल्यांकन, ट्रांसप्लांट रेफरल और एडवांस्ड सपोर्ट सिस्टम की जानकारी नहीं मिल पाती, जिसके कारण उपचार में देरी होती है। नई ओपीडी के माध्यम से अब मरीजों को जयपुर में ही प्रारंभिक विशेषज्ञ राय, रोग की गंभीरता का आकलन, ट्रांसप्लांट योग्यता मूल्यांकन और आगे की उपचार योजना पर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
डॉ. सुरेश राव केजी ने बताया कि हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांटेशन आज एंड-स्टेज ऑर्गन फेल्योर से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवनदायी विकल्प बन चुका है। इसके साथ ही
ईसीएमओ (एक्स्ट्राकारपोरेल मेंबर ऑक्सीजनशन ) तथा मैकेनिकल सर्कुलटरी सपोर्ट जैसी आधुनिक जीवनरक्षक तकनीकें गंभीर अवस्था के मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि कई मरीज ऐसे होते हैं जिनकी स्थिति इतनी गंभीर होती है कि हृदय या फेफड़े शरीर की आवश्यक कार्यक्षमता बनाए रखने में असमर्थ हो जाते हैं। ऐसे मामलों में ईसीएमओ , एलवीएडी तथा ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत चिकित्सा तकनीकें मरीजों को नया जीवन देने में सहायक सिद्ध होती हैं।
इस अवसर पर सीनियर कंसल्टेंट, लंग ट्रांसप्लांट एवं इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, एमजीएम हेल्थ केयर चेन्नई , डॉ. सौमित्रा सिन्हा रॉय ने कहा कि फेफड़ों से संबंधित कई गंभीर बीमारियों में मरीज लंबे समय तक सही निदान और उचित रेफरल से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि इडियोपैथिक पल्मोनरी फाइब्रोसिस, एडवांस्ड सीओपीडी, पल्मोनरी हाइपरटेंशन और एंड-स्टेज लंग डिज़ीज़ जैसी स्थितियों में समय पर विशेषज्ञ परामर्श और ट्रांसप्लांट मूल्यांकन अत्यंत आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि जयपुर में इस विशेष ओपीडी की शुरुआत से अब मरीजों को फेफड़ों की गंभीर बीमारियों के लिए बेहतर परामर्श, समय पर जांच और उचित उपचार दिशा उपलब्ध हो सकेगी।
एमजीएम हेल्थ केयर , चेन्नई की हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट टीम भारत की अग्रणी टीमों में से एक है और संस्थान द्वारा 750 से अधिक हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं। यह टीम भारत के प्रमुख वयस्क एवं बाल हृदय-फेफड़ा प्रत्यारोपण कार्यक्रमों में से एक का संचालन कर रही है। इसी विशेषज्ञता को अब जयपुर में ओपीडी परामर्श और मरीज चयन प्रक्रिया के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर के अध्यक्ष डॉ. जी. एल. शर्मा ने कहा कि इस संयुक्त पहल से राजस्थान के मरीजों को अब बड़े महानगरों तक बार-बार जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें प्रारंभिक स्तर पर ही सही दिशा, विशेषज्ञ राय और समन्वित उपचार मार्गदर्शन मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि यह ओपीडी भविष्य में गंभीर हार्ट एवं लंग डिज़ीज़ से पीड़ित मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण रेफरल एवं परामर्श केंद्र के रूप में विकसित होगी। साथ ही चिकित्सकों, मरीजों और परिजनों में ट्रांसप्लांट एवं एडवांस्ड कार्डियो-पल्मोनरी केयर को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस अवसर पर विशेषज्ञ
डॉ. जी. एल. शर्मा चेयरमैन, प्रियंका हॉस्पिटल एंड कार्डियक सेंटर, जयपुर,डॉ. के. आर. बालाकृष्णन चेयरमैन – कार्डियक साइंसेज, एमजीएम हेल्थ केयर , चेन्नई,डॉ. सुरेश राव केजी
को-डायरेक्टर, हार्ट एंड लंग ट्रांसप्लांट एंड मैकेनिकल सर्क्युलेटरी सपोर्ट, एमजीएम हेल्थ केयर डॉ. सौमित्रा सिन्हा रॉय
सीनियर कंसल्टेंट, लंग ट्रांसप्लांट एवं इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, एमजीएम हेल्थ केयर मौजूद रहे।