दिव्यराष्ट्र, जयपुर: हुलाडेक रीसाइक्लिंग ने गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के अप्लायंसेज व्यवसाय के साथ मिलकर हाल ही में जयपुर के प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों, जिनमें माहेश्वरी पब्लिक स्कूल और जेके यूनिवर्सिटी शामिल हैं, में जागरूकता कार्यशालाओं की एक श्रृंखला आयोजित की। इन सत्रों का उद्देश्य छात्रों को ई-वेस्ट की बढ़ती चुनौती और जिम्मेदार रीसाइक्लिंग प्रथाओं की महत्वपूर्ण आवश्यकता से परिचित कराना था। इंटरैक्टिव चर्चाओं, वास्तविक जीवन के उदाहरणों और आकर्षक गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग और उनके निपटान के प्रति अपने दृष्टिकोण पर
दोबारा विचार करने के लिये प्रेरित किया गया।
कार्यशालाओं में ई-वेस्ट से जुड़े जटिल विषयों को सरल तरीके से समझाने पर ध्यान दिया गया – ई-वेस्ट क्या है, यह क्यों खतरनाक है और इसका गलत तरीके से निपटान पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य दोनों को कैसे प्रभावित करता है। संवाद के लिये एक खुला मंच तैयार कर इन सत्रों ने छात्रों को प्रश्न पूछने, अपने विचार साझा करने और यह समझने का अवसर दिया कि छोटे-छोटे व्यक्तिगत कदम भी एक बड़े टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान दे सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि कम उम्र से ही व्यवहार में बदलाव लाना था, ताकि छात्र स्थिरता आंदोलन के सक्रिय भागीदार बन सकें।
हुलाडेक रीसाइक्लिंग की ईवीपी ब्रांडिंग एवं कम्युनिकेशन सुश्री प्रियाशा सिंघानिया ने कहा, “जागरूकता बदलाव की दिशा में पहला और सबसे शक्तिशाली कदम है। जब छात्र अपने रोजमर्रा के निर्णयों के प्रभाव को समझना शुरू करते हैं, तो वे केवल जागरूक नागरिक नहीं बनते बल्कि एक अधिक टिकाऊ भविष्य के समर्थक भी बन जाते हैं। हमारा लक्ष्य ई-वेस्ट को ऐसी चर्चा बनाना है जो जीवन की शुरुआत में शुरू हो और हमेशा बनी रहे।”
वर्षों से हुलाडेक रीसाइक्लिंग भारत में ई-वेस्ट प्रबंधन को लेकर मौजूद जागरूकता की बड़ी कमी को दूर करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के तेजी से बढ़ते उपयोग के बावजूद, बड़ी संख्या में त्यागे गये उपकरण अब भी उचित निपटान के तरीकों की सीमित समझ के कारण अनौपचारिक चैनलों या लैंडफिल में पहुंच जाते हैं। निरंतर जागरूकता कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और कलेकशन अभियान के माध्यम से हुलाडेक समुदायों, संस्थानों और कॉरपोरेट संगठनों को जिम्मेदार रीसाइक्लिंग प्रथाओं के बारे में सक्रिय रूप से शिक्षित कर रहा है। संगठन का मानना है कि ई-वेस्ट संकट के समाधान में बुनियादी ढांचे जितनी ही महत्वपूर्ण भूमिका जागरूकता की भी है। जमीनी स्तर की पहल को शिक्षा के साथ जोड़ते हुए हुलाडेक दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने और एक अधिक जागरूक तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार समाज के निर्माण की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।