बेंगलुरु, दिव्यराष्ट्र: बायोकॉन लिमिटेड (बीएसई: 532523; एनएसई: बायोकॉन) न घोषणा की कि हास तांबे को, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमिटी) तथा निदेशक मंडल की मंज़ूरी के बाद, कंपनी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया। यह फैसला 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। एकीकृत बायोकॉन के पहले मुख्य कार्यकारी के तौर पर, वे बायोसिमिलर और जेनेरिक दवाओं के संयुक्त खंड का नेतृत्व करेंगे, जिससे कंपनी की बड़े पैमाने पर काम करने और वैश्विक बाज़ारों में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता बढ़ेगी।
इनके अलावा केदार उपाध्याय को बायोकॉन लिमिटेड का मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) नियुक्त किया गया है।
नेतृत्व में यह बदलाव, बायोकॉन बायोलॉजिक्स लिमिटेड के बायोकॉन लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के रूप में पूर्ण एकीकरण के अंग के तौर पर किया जा रहा है, जिससे एक सरल और एकीकृत कॉर्पोरेट ढांचा तैयार होगा। यह दृढ़ उद्यम बायोसिमिलर, इंसुलिन, जटिल जेनेरिक दवाओं और पेप्टाइड (जिनमें विभिन्न किस्म की जीएलपी-1 थेरेपी भी शामिल हैं) के विशिष्ट पोर्टफोलियो के ज़रिये डायबिटीज़ (मधुमेह), मोटापा, ऑन्कोलॉजी और इम्यूनोलॉजी के क्षेत्रों में नेतृत्व करने के लिए उल्लेखनीय स्थिति में है।
बायोकॉन लिमिटेड की कार्यकारी अध्यक्ष (चेयरपर्सन), किरण मजूमदार-शॉ ने कहा: “बायोकॉन ने हमेशा मरीज़ों की ज़रूरतों का पहले से अनुमान लगाकर और अपने समय से आगे बढ़कर विकास किया है। अपने जेनेरिक और बायोसिमिलर व्यवसायों के एकीकरण के साथ, हम वैश्विक स्तर का बेहतरीन बायोफार्मा उद्यम तैयार कर रहे हैं। श्रीहास इस बदलाव में अग्रणी भूमिका में रहे हैं, उन्होंने कई रणनीतिक उपलब्धियों का नेतृत्व किया है, जिनमें विएट्रिस के बायोसिमिलर व्यवसाय का अधिग्रहण तथा एकीकरण, और वैश्विक विस्तार शामिल है। उनके नेतृत्व में, बायोकॉन बायोलॉजिक्स दुनिया की शीर्ष पांच बायोसिमिलर कंपनियों में से एक के रूप में उभरी है, जिसका मूल्यांकन 5.5 अरब अमेरिकी डॉलर है। संयुक्त व्यवसाय का नेतृत्व करने वाले पहले मुख्य कार्यकारी के तौर पर, हास अपने साथ गहन वैज्ञानिक विशेषज्ञता, रणनीतिक सूझबूझ और किफायती स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा देने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता लेकर आए हैं। मुझे विश्वास है कि वे अनुशासित ढंग से कार्यों को पूरा करेंगे और हमारे बड़े पैमाने के संचालन को निरंतर वैश्विक नेतृत्व में तब्दील करेंगे।”
सुश्री मजूमदार-शॉ ने सिद्धार्थ मित्तल के योगदान के बारे में कहा: “मैं सिद्धार्थ को बायोकॉन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए धन्यवाद देना चाहूंगी। 2013 में कंपनी से जुड़ने के बाद से, उन्होंने मुख्य वित्त अधिकारी और फिर मुख्य कार्यकारी एवं प्रबंध निदेशक के तौर पर उल्लेखनीय योगदान दिया, साथ ही कंपनी की वृद्धि को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। अब वह बायोकॉन समूह के भीतर ही नेतृत्व से जुड़ी एक अन्य भूमिका ग्रहण करेंगे।”
बायोकॉन लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी और प्रबंध निदेशक हास तांबे ने कहा: “बायोकॉन का नेतृत्व ऐसे महत्वपूर्ण क्षण में करना मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात है, जब हम अपने बायोलॉजिक्स और जेनेरिक्स व्यवसाय को मिलाकर दुनिया की प्रमुख दवा कंपनी बना रहे हैं। बायोकॉन उन कुछ ही संगठनों में से एक है जिसने विज्ञान और टेक्नोलॉजी का प्रभावी उपयोग कर जीवन रक्षक इलाज तक पहुंच को आसान बनाया है। हमारी सफलता की वजह है, हमारी प्रतिभाशाली टीम, जो एक बड़े लक्ष्य और मरीज़ों की ज़रूरतों को पूरा करने के पक्के इरादे के साथ एकजुट है। हम अपने पोर्टफोलियो और दुनिया भर में अपनी उपस्थिति का विस्तार कर रहे हैं और ऐसे में, मैं कंपनी की नींव मज़बूत करने, व्यवसाय को समेकित करने और वृद्धि का निरंतर विस्तार करने पर ध्यान दूंगा। मैं अपनी दूरदर्शी अध्यक्ष (चेयरपर्सन) किरण मजूमदार-शॉ और निदेशक मंडल का बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझ में विश्वास जताया। मैं बायोकॉन की मज़बूत विरासत को आगे बढ़ाते हुए दुनिया भर के मरीज़ों के लिए सार्थक बदलाव लाने के लिए पूर्ण समर्पित हूं।”