मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ बाधाओं को पार कर बदलाव की प्रेरक कहानियों का जश्न मनाते हुए कैविनकेयर ने एबिलिटी फाउंडेशन के साथ साझेदारी में 24वें कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन किया। देशभर से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करने वाले दिव्यांग समुदाय के पाँच असाधारण व्यक्तियों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। इस ऐतिहासिक समारोह ने उन प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को केंद्र में रखा, जिन्होंने अपनी यात्रा के माध्यम से समाज की सोच को बदला और सार्थक परिवर्तन की दिशा में नई मिसालें कायम कीं।
कार्यक्रम में विश्व कप विजेता दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीम की कप्तान दीपिका टी.सी. तथा केरल की पहली दृष्टिबाधित जज बनने जा रहीं थान्या नाथन सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने भाग लेकर सम्मानितों को बधाई दी और समाज के हर क्षेत्र में समावेशन के महत्व को रेखांकित किया।
संगीतमय संध्या में 2023 के ‘सा रे गा मा पा’ विजेता पुरुषोत्तमन और प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका अभिनया शेनबगराज ने अपनी टीम के साथ मनमोहक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान सांकेतिक भाषा की व्याख्या ने कला के क्षेत्र में पूर्ण समावेशन के संदेश को और सशक्त बनाया।
साल 2003 में स्थापित कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स ने अब तक देशभर के 100 से अधिक दिव्यांग व्यक्तियों को उनके उत्कृष्ट सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया है। पुरस्कार दो प्रमुख श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं—
कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड फॉर एमिनेंस, जो ऐसे दिव्यांग व्यक्ति को दिया जाता है जिन्होंने एक संगठन की स्थापना कर स्थायी और परिवर्तनकारी सामाजिक प्रभाव उत्पन्न किया हो।
कैविनकेयर एबिलिटी मास्टरी अवॉर्ड्स, जो अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता, नेतृत्व और विशिष्ट उपलब्धियाँ प्रदर्शित करने वाले दिव्यांग व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं।
इस वर्ष के सम्मानित शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता, विधि, प्रौद्योगिकी, कला और नागरिक सहभागिता जैसे विविध क्षेत्रों से आते हैं। इन्होंने सामाजिक धारणाओं को चुनौती देते हुए परिवर्तन के प्रभावशाली वाहक के रूप में पहचान बनाई है।
इस वर्ष के विजेताओं का चयन प्रतिष्ठित जूरी पैनल द्वारा किया गया, जिसमें लेफ्टिनेंट जनरल अरुण अनंतनारायण (सेवानिवृत्त), डॉ. विनोद सुराना, डॉ. मारियाजीना जॉनसन, गीतकार एवं पटकथा लेखक मधन कार्की तथा लक्ष्मीनारायणन दुरईस्वामी शामिल थे।
इस अवसर पर कैविनकेयर प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सी.के. रंगनाथन ने कहा,
“दिव्यांगजन जिस तरह सीमाओं से ऊपर उठकर उत्कृष्टता की नई परिभाषा गढ़ रहे हैं, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। इन सम्मानित व्यक्तियों की यात्राएँ केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मजबूत लहर पैदा करती हैं और समावेशन पर सार्थक संवाद को सशक्त बनाती हैं। कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स साहस, संकल्प और असाधारण प्रतिभा का उत्सव है।”
एबिलिटी फाउंडेशन की संस्थापक एवं मानद कार्यकारी निदेशक जयंश्री रविंद्रन ने कहा,
“पिछले 24 वर्षों से हम दिव्यांगजनों की वास्तविक क्षमता को सामने लाने में सौभाग्यशाली रहे हैं। हर वर्ष नामांकन से लेकर चयन प्रक्रिया तक हमें असाधारण प्रतिभाओं को देखने का अवसर मिलता है। हमारी प्रतिबद्धता है कि हम ऐसे स्वरों को मंच दें, जो अधिक समावेशी भविष्य की राह प्रशस्त करें।”
कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड्स 2026 के सम्मानित:
1. कैविनकेयर एबिलिटी स्पेशल रिकग्निशन अवॉर्ड:
सुनील जैन, बेंगलुरु, कर्नाटक
एएसटीएचए के संस्थापक ट्रस्टी एवं चीफ एनेबलर सुनील जैन शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, खेल और कला के माध्यम से दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने का कार्य कर रहे हैं। वे ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ के फेलो हैं और 2007 में स्थापित एएसटीएचए के माध्यम से करियर मेंटरिंग और इंडियन व्हीलचेयर टेनिस टूर जैसे कार्यक्रम संचालित करते हैं।
2. कैविनकेयर एबिलिटी अवॉर्ड फॉर एमिनेंस:
डॉ. जितेंद्र अग्रवाल, गुरुग्राम, हरियाणा
सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. अग्रवाल ने दृष्टि खोने के बाद दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक पहल की। उनके नेतृत्व में सार्थक ने दिव्यांगजनों के लिए समावेशी रोजगार और डिजिटल पहुंच को मजबूत किया है।
3. कैविनकेयर एबिलिटी मास्टरी अवॉर्ड्स:
अरिवुराजा थंगावेलु, तमिलनाडु
पोलियो से प्रभावित अरिवुराजा ने मापें आईटी सॉल्यूशन के माध्यम से ड्रोन सर्वे, मैपिंग और डिजिटल सेवाओं में रोजगार के अवसर सृजित किए, विशेषकर ग्रामीण और दिव्यांग युवाओं के लिए।
शिव कुमार शर्मा, चंडीगढ़, पंजाब
दृष्टिबाधित शिव कुमार शर्मा विधिक जागरूकता, रंगमंच और सिनेमा के माध्यम से दिव्यांग अधिकारों के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने ‘रब दी आवाज़’ में मुख्य भूमिका निभाई और ‘डिनर इन द डार्क’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता बढ़ाई।
चंद्र मौली द्वारापुरेड्डी, आंध्र प्रदेश
विद्युत दुर्घटना में दोनों हाथ-पैर खोने के बावजूद चंद्र मौली ने कानून की पढ़ाई पूरी की, कैट परीक्षा उत्तीर्ण की और आईआईएम अहमदाबाद से शिक्षा प्राप्त की। वे वर्तमान में कॉर्पोरेट क्षेत्र में कार्यरत हैं और दिव्यांग छात्रों को प्रेरित करते हैं।