इंदौर, दिव्यराष्ट्र/ भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर बंधन बैंक ने सुलभ बैंकिंग समाधान के माध्यम से हर भारतीय को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। समावेशी विकास और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण के अनुरूप, बैंक ने स्टैंडर्ड सेविंग्स अकाउंट के लिए मासिक औसत शेष (एमएबी) की आवश्यकता में महत्वपूर्ण संशोधन की घोषणा की है, जबकि खाते की सभी सुविधाएँ और लाभ पहले की तरह ही रहेंगे।
स्टैंडर्ड सेविंग्स अकाउंट के लिए एमएबी की आवश्यकता को 5,000 रुपए से घटाकर 2,000 रुपए किया जा रहा है, जो 1 फरवरी, 2026 से प्रभावी होगी। हालाँकि, इस खाते से जुड़े प्रोडक्ट फीचर्स और लाभों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
यह कदम देशभर के लाखों ग्राहकों, विशेषकर अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए बैंकिंग को अधिक किफायती और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। न्यूनतम शेष राशि की आवश्यकता कम कर, बंधन बैंक यह सुनिश्चित करना चाहता है कि प्रत्येक व्यक्ति बिना किसी वित्तीय दबाव के पूर्ण-सेवा बचत खाते के लाभ उठा सके।
इस अवसर पर बैंक के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य व्यवसाय अधिकारी राजिंदर कुमार बब्बर ने कहा, “गणतंत्र दिवस समानता और सशक्तिकरण का उत्सव है। बंधन बैंक में हम मानते हैं कि वित्तीय समावेशन इस दृष्टि का मूल आधार है। एमएबी की आवश्यकता कम करके हम बैंकिंग को अधिक सुलभ बना रहे हैं और ग्राहकों को बिना किसी बाधा के बचत करने व आगे बढ़ने में मदद कर रहे हैं।”