दिव्यराष्ट्र, मुंबई: एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक (एयू एसएफबी), भारत का सबसे बड़ा स्मॉल फाइनेंस बैंक है और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यूनिवर्सल बैंक में ट्रांजिशन के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी प्राप्त करने वाला एक दशक में पहला एसएफबी है। एयू एसएफबी ने श्री नरसिंगानेल्लोर वेंकटेश श्रीनिवासन (“एन एस वेंकटेश”) और श्री सत्यजीत द्विवेदी को तीन वर्ष के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। साथ ही, सुश्री मालिनी थडानी को तीन वर्ष के दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नॉन-एग्जीक्यूटिव इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियाँ शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन हैं।
श्री एन एस वेंकटेश: प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट और विज्ञान में मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाले श्री वेंकटेश बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में चार दशकों से अधिक का अनुभव रखते हैं। उनका शानदार कॅरियर आईडीबीआई, एएमएफआई और लक्ष्मी विलास बैंक जैसे बड़े संस्थानों में लीडरशिप भूमिकाओं का रहा है, जहाँ उन्होंने ट्रेज़री, अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग और स्ट्रैटेजिक डेवलपमेंट पहल में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उद्योग की एक सम्मानित आवाज़ के रूप में उन्होंने एफआईएमएमडीए (FIMMDA) की अध्यक्षता की है और रिजर्व बैंक व सेबी की अनेक महत्वपूर्ण समितियों में सेवा दी है, जहाँ उन्होंने नीति सुधारों और गवर्नेंस मानकों को आगे बढ़ाया।
श्री सत्यजीत द्विवेदी: 35+ वर्षों के अनुभव वाले एक कुशल डेवलपमेंट फाइनेंस प्रोफेशनल, श्री द्विवेदी ने कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, माइक्रोफाइनेंस और बैंकिंग में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका अनुभव नाबार्ड, नबकिसान फाइनेंस लिमिटेड और नेशनल सेंटर फॉर फाइनेंशियल एजुकेशन जैसे प्रमुख संस्थानों द्वारा उपयोग किया गया है, जहाँ उन्होंने वित्तीय समावेशन और सतत विकास पर आधारित पहलों का नेतृत्व किया। वह सीएआईआईबी (सर्टिफाइड एसोसिएट ऑफ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ बैंकर्स) और माइक्रोफाइनेंस में डिप्लोमा धारक हैं। इकॉनमिक टाइम्स ने 2017 में उन्हें “100 सबसे प्रभावशाली बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस लीडर्स” में शामिल किया था।
सुश्री मालिनी थडानी: सतत विकास, सीएसआर और पब्लिक अफेयर्स में बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड वाली एक अनुभवी लीडर, सुश्री थडानी बोर्ड में अनुभव का अनोखा मिश्रण लेकर आती हैं। उनका चार दशकों से अधिक का शानदार कॅरियर भारतीय राजस्व सेवा और एचएसबीसी दोनों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं से भरा रहा है। एचएसबीसी में उन्होंने सतत वित्त, ईएसजी और हितधारक सहभागिता में रणनीतिक पहल का नेतृत्व किया। वह उद्योग में एक सम्मानित आवाज़ हैं और संस्थाओं को उनके मुख्य व्यवसाय में स्थिरता को शामिल करने की सलाह देती हैं। वह वर्ल्ड मोन्यूमेंट्स फंड इंडिया एसोसिएशन में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं देती हैं, जहाँ वह विरासत संरक्षण व सतत विकास को प्रोत्साहित करती हैं।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के संस्थापक, एमडी और सीईओ संजय अग्रवाल ने कहा, “हम श्री एन एस वेंकटेश और श्री सत्यजीत द्विवेदी का हमारे बोर्ड में स्वागत करते हुए प्रसन्न हैं और सुश्री मालिनी थडानी को दूसरे कार्यकाल के लिए फिर से नियुक्त करते हुए आनंदित हैं। ये लीडर असाधारण अनुभव और विविध दृष्टिकोण लेकर आ रहे हैं, जो हमारे गवर्नेंस को और मजबूत करेंगे, खासकर जब हम यूनिवर्सल बैंक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
श्री वेंकटेश, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट और आईडीबीआई के पूर्व सीएफओ एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, साथ ही एएमएफआई के सीईओ रह चुके हैं, जोखिम प्रबंधन और ट्रेज़री में बेजोड़ विशेषज्ञता लेकर आते हैं। श्री द्विवेदी को इकॉनमिक टाइम्स ने बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेस के 100 सबसे प्रभावशाली लीडर्स में शामिल किया था और वे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वित्तीय समावेशन के गहन ज्ञान के साथ नबकिसान फाइनेंस और एनसीएफई जैसी संस्थाओं का नेतृत्व कर चुके हैं। सुश्री थडानी अपने सतत विकास और ईएसजी के व्यापक अनुभव से हमें मार्गदर्शन देती रहती हैं, जिसने HSBC में कई रणनीतिक पहलों को आकार दिया।
एक विविध और मजबूत बोर्ड ही अच्छे गवर्नेंस की नींव है। इन नियुक्तियों के साथ, हम जटिलताओं को समझते हुए इनोवेशन को अपनाने और अपने सभी हितधारकों के लिए समावेशी एवं सतत विकास प्रदान करने के लिए और अधिक सक्षम हो गए हैं।”