2400 से अधिक प्रतिभागियों को सुरक्षित आवागमन की प्रैक्टिकल समझ के लिए जोड़ा गया
श्रीगंगानगर, दिव्यराष्ट्र/ जिम्मेदार और स्मार्ट मोबिलिटी को बढ़ावा देने के अपने लगातार प्रयास के तहत, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने श्रीगंगानगर, राजस्थान में एक संरचित रोड सेफ्टी अवेयरनेस कैंपेन आयोजित किया। इस पहल में सुरेंद्र ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज और जैन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के 2400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जहां रोजमर्रा की ट्रैफिक अवेयरनेस को एक एंगेजिंग और इंटरैक्टिव लर्निंग एक्सपीरियंस में बदला गया।
कैंपेन में रोड सेफ्टी पर अवेयरनेस सेशंस, गेम्स, क्विज़ और सिचुएशन-बेस्ड डिस्कशंस शामिल थे, जिन्हें इस तरह डिजाइन किया गया था कि प्रतिभागी सेफ्टी प्रिंसिपल्स को रियल-लाइफ सिचुएशंस से जोड़ सकें। इस अप्रोच में ‘लर्निंग बाय डूइंग’ पर जोर दिया गया, ताकि सभी युवा प्रतिभागी अलर्टनेस, डिसिप्लिन और जिम्मेदार रोड यूजर के रूप में अपनी भूमिका से जुड़े अहम संदेशों को आसानी से समझ सकें।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं 2023’ रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान में वर्ष 2023 में 24,694 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। कुल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या के मामले में यह राज्य देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है। ये आंकड़े राजस्थान में सड़क सुरक्षा के व्यापक प्रयासों के तहत जागरूकता-आधारित लर्निंग की अत्यंत आवश्यकता को दर्शाते हैं।
सभी प्रतिभागियों ने सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे उन्हें यह सोचने के लिए प्रेरित किया गया कि सुरक्षित विकल्प किस तरह उनके आसपास की सड़कों को और अधिक सुरक्षित बना सकते हैं।
होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) की रोड सेफ्टी पहल उसके ग्लोबल विज़न ‘सेफ्टी फॉर एवरीवन’ से प्रेरित है, जिसमें सहज और आयु-विशेष लर्निंग मॉड्यूल्स को प्राथमिकता दी जाती है, जिन्हें शैक्षणिक संस्थानों और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लागू किया जा सकता है। पूरे भारत में, कंपनी ने अपने ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्स और सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर्स के नेटवर्क के माध्यम से संरचित अवेयरनेस कैंपेन चलाए हैं, जिनके जरिए इंटरैक्टिव फॉर्मेट्स में लाखों लर्नर्स को जोड़ा गया है।
राजस्थान और अन्य क्षेत्रों में ऐसे प्रयासों के माध्यम से, एचएमएसआई जागरूकता और सीख को रोजमर्रा की आदतों के रूप में बढ़ावा देता रहा है, जो सभी के लिए सुरक्षित मोबिलिटी को समर्थन देती हैं।
*रोड सेफ्टी के प्रति होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया की सीएसआर प्रतिबद्धता**:
साल 2021 में होंडा ने वर्ष 2050 के लिए अपना ग्लोबल विज़न घोषित किया, जिसके तहत कंपनी का लक्ष्य होंडा मोटरसाइकिल और ऑटोमोबाइल से जुड़े सड़क हादसों में शून्य मौतों तक पहुंचना है। भारत में एचएमएसआई इसी विज़न के अनुरूप काम कर रही है और भारत सरकार के उस लक्ष्य का भी समर्थन कर रही है, जिसके तहत वर्ष 2030 तक सड़क हादसों में होने वाली मौतों को आधा करने का उद्देश्य रखा गया है।
इस लक्ष्य को हासिल करने का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वर्ष 2030 तक बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित की जाए और उसके बाद भी उन्हें लगातार जागरूक किया जाता रहे। स्कूलों और कॉलेजों में रोड सेफ्टी शिक्षा का उद्देश्य केवल जागरूकता बढ़ाना नहीं है, बल्कि युवाओं के मन में सुरक्षा की संस्कृति विकसित करना और उन्हें रोड सेफ्टी एंबेसडर बनने के लिए प्रेरित करना भी है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए सशक्त बनाती है और एक सुरक्षित समाज बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करती है।
एचएमएसआई का लक्ष्य ऐसा संगठन बनना है जिसे समाज सच में अपने बीच देखना चाहता हो। इसी सोच के साथ कंपनी समाज के हर वर्ग में रोड सेफ्टी जागरूकता फैलाने पर जोर दे रही है। स्कूल के बच्चों से लेकर कॉरपोरेट्स और व्यापक समाज तक, हर वर्ग के लिए अलग-अलग और प्रभावी तरीकों से सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने की पहल की जा रही है।
एचएमएसआई के प्रशिक्षित सेफ्टी इंस्ट्रक्टर भारत भर में कंपनी द्वारा अपनाए गए 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एजुकेशन सेंटर ( एसडीईसी ) में रोज़ाना कार्यक्रम आयोजित करते हैं, ताकि समाज के हर वर्ग तक रोड सेफ्टी शिक्षा पहुंचाई जा सके। इस पहल के माध्यम से अब तक 1.2 करोड़ से अधिक भारतीयों तक पहुंच बनाई जा चुकी है। एचएमएसआई का नेशनल रोड सेफ्टी अवेयरनेस प्रोग्राम सीखने को रोचक और वैज्ञानिक बनाने के लिए कई इंटरैक्टिव तरीकों का उपयोग करता है, जैसे:
*वैज्ञानिक रूप से तैयार लर्निंग मॉड्यूल:* होंडा के प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर रोड साइन और मार्किंग, सड़क पर ड्राइवर की जिम्मेदारियां, राइडिंग गियर और सही पोश्चर के बारे में थ्योरी सेशन के माध्यम से रोड सेफ्टी की बुनियादी समझ देते हैं, साथ ही सुरक्षित राइडिंग के शिष्टाचार भी समझाते हैं।
1. *प्रैक्टिकल लर्निंग:* होंडा के वर्चुअल राइडिंग सिम्युलेटर पर एक विशेष ट्रेनिंग गतिविधि आयोजित की गई, जिससे प्रतिभागी वास्तविक राइडिंग से पहले सड़क पर होने वाले 100 से अधिक संभावित खतरों का अनुभव कर सकें।
2. *इंटरैक्टिव सेशन:* प्रतिभागियों को किकेन योसोकू ट्रेनिंग (केवाईटी) दी गई, जो खतरे का पहले से अनुमान लगाने की क्षमता को बेहतर बनाती है और सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देती है।
3. *मौजूदा राइडर्स के लिए स्किल सुधार:* जो छात्र और स्कूल स्टाफ पहले से दोपहिया वाहन चलाते हैं, उन्होंने स्लो राइडिंग एक्टिविटी और संकरे प्लैंक पर राइडिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से अपनी राइडिंग स्किल्स को परखा और बेहतर बनाया।
एचएमएसआई ने हाल ही में अपना डिजिटल रोड सेफ्टी लर्निंग प्लेटफॉर्म ई-गुरुकुल लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म 5 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के तीन अलग-अलग आयु वर्ग के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए ट्रेनिंग मॉड्यूल प्रदान करता है, जिससे रोड सेफ्टी शिक्षा को व्यापक और प्रभावी बनाया जा सके। वर्तमान में ये मॉड्यूल कन्नड़, मलयालम, हिंदी, तेलुगु, तमिल और अंग्रेज़ी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह पहल पहुंच सके और क्षेत्रीय जरूरतों को भी ध्यान में रखा जा सके। समुदाय के व्यापक स्तर तक रोड सेफ्टी जागरूकता पहुंचाने के लिए एचएमएसआई अपने डिजिटल लर्निंग प्रयासों को लगातार मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में कंपनी रोड सेफ्टी से जुड़ी शैक्षणिक सामग्री का एक व्यापक संग्रह भी उपलब्ध करा रही है, जिसका उद्देश्य लोगों को जानकारी देना, उन्हें सशक्त बनाना और भारतीय सड़कों पर जिम्मेदार व्यवहार को प्रेरित करना है। दर्शकों से आग्रह किया जाता है कि वे इन जानकारीपूर्ण वीडियो को देखें और अपने नेटवर्क में साझा भी करें, ताकि भारत की सड़कों को सभी के लिए अधिक सुरक्षित बनाने के साझा प्रयास में भागीदारी बढ़ सके। इन संसाधनों को यहां देखा जा सकता है: