नन्ही मुस्कान की सुनहरी पहल” की मुहिम जारी
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ नारायणा हॉस्पिटल जयपुर और कोशिका फाउंडेशन के सहयोग से 15 मार्च 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गंभीर हृदय रोगों के उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है। “सेव लिटिल हार्ट्स, सेव लिटिल लाइफ” की भावना के साथ शुरू हुई यह पहल पिछले 7–8 वर्षों से निरंतर जारी है और अब इसे और दोगुने प्रयासों के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक सैकड़ों बच्चों की हृदय सर्जरी और उपचार संभव हो पाया है। पहल का मूल उद्देश्य उन बच्चों तक जीवनरक्षक उपचार पहुँचाना है, जिनके परिवार आर्थिक कठिनाइयों के कारण इलाज नहीं करवा पाते। कोशिका फाउंडेशन ने लगभग 12 वर्ष पहले चिकित्सकीय सेवा में कार्य की शुरुआत की थी। समय के साथ यह पहल विस्तारित होती गई और आज यह कई गंभीर बीमारियों के इलाज में जरूरतमंदों की मदद कर रही है।
मरीजों की प्रेरणादायक कहानियां
इस पहल के तहत कई बच्चों को नया जीवन मिला है।
बिहार के बिस्मिल्लाह (1 वर्ष) को केवल एक महीने की उम्र में ही गंभीर जन्मजात हृदय बीमारी (चार प्रकार के हृदय दोषों का समूह, यानी टेट्रालॉजी ऑफ फालोट की समस्या का पता चला। कम वजन होने के कारण डॉक्टरों ने कुछ समय तक इंतजार करने की सलाह दी, क्योंकि सर्जरी के बाद की देखभाल के लिए पर्याप्त वजन होना आवश्यक था। लगभग एक वर्ष बाद जब उसका वजन आवश्यक स्तर तक पहुंचा, तब डॉक्टरों ने जोखिम लेते हुए सर्जरी की, जो सफल रही और बिस्मिल्लाह स्वस्थ होकर घर लौट सका।
करौली के सूरज (17 वर्ष) की स्थिति थोड़ी अलग थी। वर्ष 2016 में उसकी हृदय सर्जरी हुई थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार नियमित फॉलो-अप और उचित देखभाल नहीं कर सका, जिससे समस्या दोबारा उभर आई। वर्ष 2023 में सूरज फिर से इलाज के लिए अस्पताल आया। डॉक्टरों ने दोबारा उपचार किया और उचित देखभाल और फॉलो-अप के साथ अब सूरज स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी रहा है।
बीकानेर की इशिका (17 वर्ष) को अचानक तेज़ सांस फूलने की समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने इंटरवेंशन प्रक्रिया की योजना बनाई थी, लेकिन उपचार के दौरान स्थिति को देखते हुए ओपन हार्ट सर्जरी का निर्णय लिया गया। सर्जरी सफल रही और कुछ ही दिनों बाद इशिका पूरी तरह स्वस्थ होकर मुस्कुराते हुए अस्पताल से घर लौटी।
उत्तर प्रदेश के सौरव (14 वर्ष) की कहानी भी इस पहल की सफलता को दर्शाती है। सौरव के पिता को अपने एक सहकर्मी से इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली। सौरव का हृदय कमजोर होने के कारण उसका शारीरिक विकास प्रभावित हो रहा था। डॉक्टरों ने ओपन हार्ट सर्जरी के माध्यम से वाल्व रिप्लेसमेंट किया। सर्जरी के बाद सौरव का स्वास्थ्य तेजी से सुधरा और आज वह आत्मविश्वास के साथ सामान्य जीवन जी रहा है।
टोंक की स्वाति (11 वर्ष) गणतंत्र दिवस के अवसर पर स्कूल में नृत्य प्रस्तुति दे रही थी, तभी अचानक बेहोश हो गई। उसे तुरंत अस्पताल लाया गया, जहां जांच में पता चला कि उसके दिल में छेद है। डॉक्टरों ने इंटरवेंशन प्रक्रिया के तहत पीडीए डिवाइस क्लोजर किया। उपचार सफल रहा और अब स्वाति पूरी तरह स्वस्थ होकर अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट आई है।
डॉक्टरों ने बताया कि सर्जरी की सफलता के साथ-साथ ऑपरेशन के बाद की देखभाल भी उपचार प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर बलविंदर सिंह वालिआ, फैसिलिटी डायरेक्टर, नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने कहा,
“हमारा उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं बल्कि जरूरतमंद बच्चों को जीवन का नया अवसर देना है। पिछले कई वर्षों से कोशिका फाउंडेशन के साथ मिलकर हम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए हृदय उपचार उपलब्ध करा रहे हैं और आने वाले समय में इस प्रयास को और व्यापक बनाने की योजना है।”
क्लिनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी डॉ.प्रदीप कुमार गोयल– एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर, ने कहा,
“बच्चों की हृदय सर्जरी बेहद संवेदनशील प्रक्रिया होती है। सही समय पर उपचार और सर्जरी के बाद की उचित देखभाल से बच्चों का जीवन पूरी तरह बदल सकता है। इस तरह की पहल उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जो आर्थिक सीमाओं के कारण इलाज नहीं करवा पाते।”
मैनेजिंग ट्रस्टी सुनील टंडन, कोशिका फाउंडेशन ने कहा, “लगभग 12 वर्ष पहले, कुछ वरिष्ठ इंजीनियरों के छोटे से समूह के साथ मिलकर शुरू हुआ यह प्रयास आज जरूरतमंद बच्चों के जीवन को बचाने तक पहुंच गया है। हमारा उद्देश्य हमेशा यही रहा है कि बिना किसी सवाल के जरूरतमंदों की मदद की जाए।”
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अन्य विशेषज्ञों और पैनलिस्ट्स में नारायणा हॉस्पिटल जयपुर के डॉ. सौरभ जयसवाल, डायरेक्टर – कार्डियक सर्जरी, डॉ प्रशांत माहवार, सीनियर कंसलटेंट – पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, डॉ. सुनील शर्मा, सीनियर कंसलटेंट – कार्डियक सर्जरी, डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसोसिएट कंसलटेंट – पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, डॉ. रवि खंडेलवाल, सीनियर कंसलटेंट – एनेस्थिसियोलॉजी, डॉ. बृजेश सोनी, सीनियर कंसलटेंट – एनेस्थिसियोलॉजी और श्रीमान् सोमेश सहगल, ट्रस्टी – कोशिका फाउंडेशन, श्रीमती बेला सहगल – पत्नी श्री सोमेश सहगल, श्रीमती अनु सचदेव – पत्नी स्वर्गीय कर्नल अनिल सचदेव भी उपस्थित रहे।
नारायणा हॉस्पिटल जयपुर देश के उत्कृष्ट मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों में से एक है, जो उन्नत चिकित्सा सुविधाओं, आधुनिक तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों की टीम के माध्यम से मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। अस्पताल जटिल हृदय रोगों सहित विभिन्न गंभीर बीमारियों के उपचार में विशेषज्ञता रखता है और समाज के हर वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।