
5 वर्ल्ड रिकार्ड्स के साथ शुरू हुआ ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल (जीएचडब्ल्यूएफ) 2026 जयपुर में
हेल्थ अवेयरनेस, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और जनभागीदारी पर केंद्रित ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल (जीएचडब्ल्यूएफ) 2026 की हुई भव्य शुरुआत
दिव्य राष्ट्र, जयपुर, 28 फरवरी। हेल्थ अवेयरनेस और प्रिवेंटिव हेल्थ केयर के साथ ग्लोबल हेल्थ एंड वेलनेस फेस्टिवल (जीएचडब्ल्यूएफ) 2026 का महाकुंभ आज बिड़ला ऑडिटोरियम, जयपुर में शुरू हुआ। “लोकल से ग्लोबल” थीम के साथ जनभागीदारी को बढ़ावा देने वाले इस मेगा आयोजन में पहले दिन विभिन्न विशेषज्ञ सत्रों, हेल्थ टॉक्स और 5 वर्ल्ड रिकार्ड्स ने जयपुरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। फेस्टिवल के फाउंडर हिम्मत सिंह नाथावत ने बताया कि जस्ट हेल्थ एंड वेलनेस (जेएचडब्लू) की अगुवाई में शुरू किये गए इस फेस्टिवल का विधिवत उद्घाटन फर्स्ट इंडिया न्यूज़ चैनल के सीईओ जगदीश चंद्र कातिल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजीव अरोड़ा, अरिंदम सिन्हा (जोनल हेड केयर हेल्थ इंश्योरेंस), सुरेश अग्रवाल (फोर्टी प्रेजिडेंट), राजू मंगोड़ीवाला, आयुष कोगटा (कोगटा फाउंडेशन), डॉ. सीताराम गुप्ता (फाउंडर गौमाया), आर.के. गुप्ता (प्रेसिडेंट, राजस्थान चैप्टर, पीएचडी चैम्बर), नारायण अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर, बलविंदर सिंह वालिया तथा मेजर जनरल लाछड़ी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
को-फाउंडर भूपेंद्र सिंह, आर.के. व्यास और अजय शर्मा ने बताया कि फेस्टिवल के पहले दिन आयोजित सत्रों में विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य, जीवनशैली और पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। डॉ. सीताराम गुप्ता, फाउंडर गौमाया ने अपने सत्र ‘ में बताया कि ग्लोबल वार्मिंग आज विश्व की सबसे गंभीर समस्याओं में से एक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत में पारंपरिक अंतिम संस्कार पद्धति में भी कार्बन उत्सर्जन में भूमिका निभाती हैं और इन्हें नेट ज़ीरो की दिशा में कैसे परिवर्तित किया जा सकता है, इस पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। डॉ. पीएम भारद्वाज ने “मानव जीवन का उद्देश्य” विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि जीवन का वास्तविक लक्ष्य आत्मिक संतुलन, स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवन दृष्टि के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। वहीं डॉ. राजा मुकीम ने कहा कि आज लगभग हर व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से प्रभावित है, लेकिन सही जीवनशैली, संतुलित आहार और प्राकृतिक पद्धतियों के माध्यम से बिना दवा के भी स्वस्थ जीवन संभव है।
वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रतिनिधि योगेश मित्तल ने जानकारी दी कि आयोजन के पहले दिन ही 5 वर्ल्ड रिकॉर्ड जस्ट हेल्थ एंड वैलनेस एवं गौमाया के संयुक्त तद्भावधान में दर्ज किए गए, जिनमें पहला रिकॉर्ड 26 योग साधकों द्वारा 2600 सूर्य नमस्कार, दूसरा रिकॉर्ड 1000 से ज्यादा सीनियर सिटीजंस बिना दवा एवं बीमारी के स्वस्थ जीवन कैसे जिए की कला के टॉक शो में उपस्थिति से दर्ज किया, तीसरा रिकॉर्ड 100 से ज्यादा कॉरपोरेट एक छत के नीचे इकट्ठा होकर वर्क लाइफ बैलेंस और स्ट्रेस मैनेजमेंट के गुर सीखे, चौथा जयपुर में विश्व का प्रथम अंगदाता स्मारक की स्थापना और पांचवा 1 मिनट में सबसे ज्यादा लोगों का अंगदान शपथ ग्रहण फेस्टिवल की बड़ी उपलब्धि रही।
पहले दिन की प्रमुख मेडिकल टॉक “हार्ट एंड होप – दिल की धड़कन, जिंदगी की उम्मीद” रही। इस सत्र में डॉ. देवेंद्र कुमार श्रीमल (कार्डियोलॉजिस्ट), डॉ. प्रशांत महावीर पेडिया (कार्डियोलॉजिस्ट), डॉ. रोहित स्वामी (मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट) और डॉ. पामरिन गोयल (रेडियोलॉजिस्ट) ने भाग लिया, जबकि सत्र का संचालन डॉ. अविनाश सैनी ने किया। विशेषज्ञों ने स्वस्थ हृदय बनाए रखने, हृदय रोगों से बचाव और कैंसर से जुड़ी जागरूकता पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसे श्रोताओं ने बेहद सराहा। इसके बाद “हीलिंग विदाउट फियर” सत्र आयोजित किया गया, जिसमें सर्जरी से जुड़े डर और भ्रमों को दूर किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि आधुनिक तकनीकों के कारण अब कई सर्जरी सुरक्षित और कम समय में संभव हैं तथा कई मामलों में मरीज उसी दिन घर भी जा सकता है। सत्र में सर्जरी से जुड़े मिथकों को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ स्पष्ट किया गया।
लाइफ बियॉन्ड वर्क – हार्ट एंड ह्यूमैनिटी कॉन्क्लेव” में स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों, प्रोफेशनल्स और विचारों को एक मंच पर एकत्रित किया गया। “कोड रेड रेडी टॉक शो” आयोजित हुआ, जिसमें आयुष कोगटा, अरिंदम सिन्हा, बलविंदर सिंह वालिया, अंकित पारीक, डॉ. अंशुल पटोदिया एवं रवि सिंघल आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों में त्वरित निर्णय, कॉर्पोरेट जिम्मेदारी, अस्पताल प्रबंधन और जीवन रक्षक तैयारियों पर चर्चा की। कॉन्क्लेव के दौरान डॉ. अंशुल पटोदिया द्वारा आयोजित बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग सत्र में प्रतिभागियों को हृदयाघात जैसी आपात स्थितियों में प्राथमिक जीवन रक्षक तकनीकों एवं सीपीआर की जानकारी दी गयी। डॉ. अनीता हाड़ा द्वारा अवेयरनेस टॉक में स्वस्थ जीवनशैली, समय पर जांच और रोगों की रोकथाम के महत्व पर मार्गदर्शन दिया गया। वहीं “गिफ्ट ऑफ लाइफ” टॉक शो में अंगदान जागरूकता पर केंद्रित रहा जिसमें डॉ. दीपक कुमार, डॉ. सुभाष कटारिया, डॉ. कविश शर्मा, डॉ. अंकुर अटल गुप्ता, डॉ. विवेक सिंह, जज देवेंद्र मोहन माथुर एवं एडवोकेट अंशुमान सक्सेना अंगदान की आवश्यकता, कानूनी पहलुओं, चिकित्सा प्रक्रियाओं और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर अपने विचार साझा करे। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य जागरूकता, आपातकालीन तैयारी और पेशेवर जीवन से परे मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में एमएनआईटी एम आई आई सी ऑपरेशंस हेड, डॉ संजय गौड पद्मनाभ आयुर्वेद हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉक्टर पशुपतिनाथ शर्मा एन एस एस ऑफिसर विशाल गौतम जी का भी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मान किया गया. फेस्टिवल के दौरान हेल्थ चेकअप कैंप, मेडिकल एग्जीबिशन, बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनिंग और अंगदान जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार, फेस्टिवल में प्रवेश निःशुल्क है और प्रत्येक पंजीकृत प्रतिभागी को लगभग ₹15,000 मूल्य की हेल्थकेयर बेनिफिट बुकलेट प्रदान की जा रही है, जिससे वे वर्षभर संबद्ध अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।