ह्यूमेनॉयड रोबोट ‘हेमबोट’ ने प्रतिनिधियों के साथ मेलजोल के दौरान, भविष्य में एआई-आधारित मरीजों की देखभाल के तौर-तरीके प्रस्तुत किए
नेशनल, 26 नवंबर, 2025 : जैसे-जैसे भारत में ब्लड कैंसर, इम्यून डिसॉर्डर, तथा अन्य कई जटिल संक्रमणों के मामले बढ़ रहे हैं, उन्हें देखते हुए शीघ्र निदान और पर्सनलाइज़्ड उपचार की जरूरत पहले से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसे ध्यान में रखते हुए, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई), गुड़गांव ने हेमनेक्स्ट 1.0 का आयोजन किया है। राष्ट्रीय स्तर के इस वैज्ञानिक सम्मेलन के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार जीनोमिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), रोबोटिक्स, और नेक्स्ट-जेनरेशन सेल थेरेपी से हेमाटोलॉजी तथा संक्रामक रोगों के भविष्य को नए सिरे से परिभाषित किया जा रहा है।
इस दो-दिवसीय सम्मेलन के दौरान, 150 से अधिक अग्रणी क्लीनिशियंस ने व्यक्तिगत रूप से और 1,700 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया। इनमें देशभर से हेमोटोलॉजिस्ट, संक्रामक रोग विशेषज्ञ, बीएमटी फिजिशियल, सीएआर-टी इनोवेटर्स, और युवा क्लीनिशियन शामिल थे।
हेमनेक्स्ट 1.0 के दौरान, भारत का पहला ह्यूमेनॉयड हेल्थकेयर होस्ट ‘हेमबोट’ भी मौजूद था। NVIDIA Jetson Orin से संचालित यह लाइफ-साइज़ ह्यूमेनॉयड रोबोट प्रति सेकंड 100 ट्रिलियन एआई ऑपरेशंस करने में सक्षम है।
हेमबोट ने सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया, उन्हें सत्रों तक पहुंचाने के लिए उनका मार्गदर्शन किया, साथ ही, मंच पर भी विचार-विमर्श में हिस्सा लेना और पूरे सम्मेलन की अवधि में मेहमानों के साथ इंटरेक्शन किया। इसके जरिए प्रतिभागियों को भविष्य में अस्पतालों में ह्यूमेनॉयड रोबोट की भूमिकाओं के बारे में जानकारी मिलीः
• मरीजों का नेवीगेशन करना और उन्हें जानकारी देना
• क्लीनिकल जानकारी हेतु सहायता
• मॉनीटरिंग सहायता
• ओपीडी एवं प्रतीक्षा स्थलों पर हॉस्पीटेलिटी और एंगेजमेंट
सम्मेलन के तहत आयोजित भव्य संध्या समारोहों (गाला ईवनिंग) के दौरान, रोबोट ने मेहमानों का स्वागत किया और कई सिंक्रोनाइज़्ड मूवमेंट्स भी दिखायी, जो कि एफएमआरआई की एआई-इंटीग्रेटेड, नेक्स्ट जेनरेशन हेल्थकेयर को दर्शाती हैं।
हेमनेक्स्ट 1.0 के केंद्र में जीनोमिक्स को रखा गया था, जो हेमोटोलॉजिस्ट द्वारा ल्यूकीमिया, लिंफोमा, बोन मैरो फेलियर सिंड्रोम, तथा आनुवांशिक रक्त विकारों जैसी स्थतियों में मरीजों के डायग्नॉसिस एवं उपचार के तौर-तरीकों को नए सिरे से परिभाषित करती है।
इस दौरान इन पहलुओं पर प्रमुख जानकारी हासिल हुईः
• डीप कैंसर प्रोफाइलिंग के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन सीक्वेंसिंग (एनजीएस)
• सटीक डायग्नॉसिस के लिए जीन म्यूटेशन एवं एक्सप्रेशन एनेलिसिस
• जीनोमिक एलगॉरिदम का प्रयोग करते हुए रीलैप्स प्रेडिक्शन
• रोग के विकासक्रम को बेहतर ढंग से समझने के लिए क्लोनल इवोल्यूशन ट्रैकिंग
• सुरक्षित और अधिक सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए जीनोमिक्स आधारित डोनर मैचिंग
ये टूल्स क्लीनिशियंस को जेनरेटिक उपचारों की बजाय अधिक पर्सनाइज़्ड, डेटा-प्रेरित केयर को अपनाने में मददगार हैं जिनसे बेहतर परिणामों के साथ-साथ जटिलताओं में कमी लाने में भी मदद मिलती है। इस सम्मेलन ने रियल-वर्ल्ड के मामलों पर विचार-विमर्श के जरिए दिन-प्रतिदिन निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत बनाने तथा मेंटोरशिप आधारित लर्निंग पर भी जोर दिया।
हेमनेक्स्ट 1.0 ने यह प्रदर्शित किया कि किस प्रकार वैज्ञानिक क्षेत्र में हो रही प्रगति से सीधे मरीजों की देखभाल पर असर पड़ रहा हैः
• एआई-पावर्ड टूल्स की मदद से ब्लड कैंसर का त्वरित डायग्नॉसिस
• एडवांस जीनोमिक्स के साथ अधिक सटीक जेनेटिक रिपोर्ट
• सीएआर-टी जैसी नई थेरेपी से कठिन और जटिल कैंसर के उपचार के मामले में उम्मीद बढ़ी है
• सटीकता और मरीजों की सहायता के लिए रोबोटिक्स से डॉक्टरों को मदद मिलती है
• जीनोमिक्स आधारित डोनर मैचिंग के माध्यम से सुरक्षित बोन मैरो ट्रांसप्लांट
• पर्सनलाइज़्ड, डेटा-उत्प्रेरित उपचारों के साथ मरीजों के बचने की बेहतर संभावनाएं
डॉ राहुल भार्गव, प्रिंसीपल डायरेक्टर एंड चीफ – हेमोटोलॉजी, हेमोटा ओंकोलॉजी एंड बोन मैरो ट्रांसप्लांट, एफएमआरआई ने कहा, “फोर्टिस में, हमने भारत के सर्वाधिक व्यापक हेमोटोलॉजी इकोसिस्टम में से एक तैयार किया है, जो जीनोमिक्स, एडवांस डायग्नॉस्टिक्स, सेल थेरेपी तथा एआई-उत्प्रेरित टूल्स को एक छत के नीचे एकजुट करता है। हेमनेक्स्ट 1.0 ने विज्ञान की सीमाओं को और आगे धकेलने तथा देश में हेमाटोलॉजी केयर को नए सिरे से परिभाषित करने की हमारी प्रतिबद्धता दोहरायी है।”
डॉ विकास दुआ, प्रिंसीपल डायरेक्टर एंड हेड – पिडियाट्रिक हेमाटोलॉजी, हेमोटा ओंकोलॉजी एंड बीएमटी, एफएमआरआई ने कहा, “पिडियाट्रिक हेमोटोलॉजी के लिए अत्यधिक सटीकता और नवाचार की आवश्यकता होती है। हेमनेक्स्ट 1.0 ने ब्लड कैंसर तथा दुर्लभ किस्म के रक्त विकारों से जूझ रहे बच्चों के लिए अधिक उन्नत, साक्ष्य-आधारित केयर उपलब्ध कराने के हमारे मिशन को और मजबूती दी है।”
यश रावत, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एंड एसबीयू हेड, एफएमआरआई ने कहा, “एफएमआरआई भारत के प्रिसीजन-हेमाटोलॉजी हब के तौर पर उभर रहा है। जीनोमिक्स आधारित वर्कफ्लो, एआई-एसिस्टेड डायग्नॉस्टिक्स, नेक्स्ट जेनरेशन थेरेपी जैसे सीएआर-टी और अब ह्यूमेनॉयड रोबोटिक्स की मदद से, फोर्टिस गुरुग्राम इंटीग्रेटेड, हाइ-एंड हेमाटोलॉजी केयर के भविष्य को नए सिरे से संवार रहा है।”
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के बारे में
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड भारत में अग्रणी एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता है। कंपनी के हेल्थकेयर वर्टिकल्स में मुख्यतः अस्पताल, डायग्नॉस्टिक्स तथा डे केयर सेवाएं शामिल हैं। वर्तमान में, कंपनी देशभर के 11 राज्यों में कुल 33 हेल्थकेयर सुविधाओं (जिनमें जेवी और ओ एंड एम शामिल हैं) का संचालन करती है। कंपनी के नेटवर्क में 5,700 से अधिक ऑपरेशनल बेड्स (ओ एंड एम समेत) तथा 400 डायग्नॉस्टिक्स लैब्स शामिल हैं।