मुंबई , दिव्यराष्ट्र*:/ एल एंड टी फाइनेंस लिमिटेड, पूर्व में एल एंड टी फाइनेंस होल्डिंग्स लिमिटेड (एलटीएफ) के नाम से जाना जाता है, जो भारत में प्रमुख नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) में से एक है, ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही (वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही) में अपना अब तक का सबसे अधिक कोर कर पश्चात लाभ (पीएटी) 760 करोड़ रुपये (नए लेबर कोड प्रावधान के एक बार के प्रभाव से पहले) दर्ज किया है, जिसमें साल-दर-साल 21 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। नए लेबर कोड के एक बार के प्रभाव के बाद पीएटी 739 करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 18 प्रतिशत अधिक है। तिमाही के दौरान, रिटेल बुक साइज 1,11,990 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, और इसमें साल दर साल 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। कंसोलिडेटेड लोन बुक सालाना 20 प्रतिशत बढ़कर 1,14,285 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिए अब तक का सबसे अधिक तिमाही रिटेल डिस्बर्समेंट 49 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 22,701 करोड़ रुपये दर्ज किया। कंपनी ने टू-व्हीलर फाइनेंस में अब तक का सबसे अधिक डिस्बर्समेंट 3,217 करोड़ रुपये और फार्मर फाइनेंस में 2,783 करोड़ रुपये दर्ज किया, जो क्रमशः सालाना 33 प्रतिशत और 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 31 दिसंबर, 2025 तक कुल बुक का रिटेलाइजेशन 98 प्रतिशत पर खड़ा था।
वित्तीय परिणामों के बारे में, श्री सुदीप्ता रॉय, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, एलटीएफ, ने कहा, “वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही अच्छे आर्थिक कारकों के मजबूत मिश्रण से प्रभावित रही। जीएसटी 2.0 की शुरूआत, अच्छी बारिश (मानसून), और रेपो दर में लगातार कटौती ने लोगों के खर्च में बढ़ोतरी की है और विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाया है। इस तिमाही में, एलटीएफ ने सभी कारोबारी हिस्सों में शानदार प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया। हमने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही लोन डिस्बर्समेंट राशि 22,701 करोड़ रुपये दर्ज की, जो पिछले साल की तुलना में 49 प्रतिशत ज्यादा है। रिटेल लोन पोर्टफोलियो 1,11,990 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। इससे कर पश्चात लाभ (पीएटी) 760 करोड़ रुपये हुआ, जो पिछले साल से 21 प्रतिशत अधिक है (एक बार की विशेष मद के प्रभाव को छोड़कर)।